प्रत्यावर्ती धारा क्या है? प्रकार, विशेषताएं, उपयोग, नुकसान

प्रत्यावर्ती धारा क्या है?

परिभाषा :- प्रत्यावर्ती धारा (AC) एक प्रकार का विद्युत प्रवाह है, जिसमें इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दिशा नियमित अंतराल या चक्रों पर आगे-पीछे होती रहती है। विद्युत लाइनों में प्रवाहित धारा और दीवार के आउटलेट से आने वाली सामान्य घरेलू बिजली प्रत्यावर्ती धारा है।

प्रत्यावर्ती धारा के प्रकार :-

प्रत्यावर्ती धारा के निम्न तीन प्रकार होते हैं।

  • वर्गाकार प्रत्यावर्ती धारा
  • त्रिभुजाकार प्रत्यावर्ती धारा
  • ज्यावक्रीय प्रत्यावर्ती धारा

प्रत्यावर्ती धारा की विशेषताएं :-

  • प्रत्यावर्ती वोल्टता को ट्रांसफार्मर द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है। जिससे उच्च वोल्टता एवं निम्न धारा पर बहुत कम शक्ति व्यय से विद्युत संचरण किया जा सकता है।
  • प्रत्यावर्ती धारा को दिष्टकारी की सहायता से आसानी से दिष्ट धारा में परिवर्तित किया जा सकता है।
  • प्रत्यावर्ती धारा जनित्र एवं मोटर अधिक दृढ़ एवं परिचालन में अधिक सुविधाजनक होते हैं। तथा इनकी लागत दिष्ट धारा जनित्र मोटर से कम होती है।

प्रत्यावर्ती धारा के उपयोग :-

  • इस धारा का उपयोग मोटरों व समरसीबल चलाने में किया जाता है।
  • इसका उपयोग ऊष्मा प्राप्त करने के लिए हीटर चलाने में किया जाता है।
  • प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग टी.वी./एल.सी.डी. व डीटीएच इत्यादि को चलाने में किया जाता है।

प्रत्यावर्ती धारा का नुकसान :-

  • यह DC से कम खतरनाक लेकिन ज्यादा आकर्षक है।
  • AC के साथ काम करना हाई वोल्टेज डीसी से कहीं ज्यादा खतरनाक है।
  • AC का उपयोग इलेक्ट्रोफिशिंग, इलेक्ट्रोप्लेटिंग आदि के लिए नहीं किया जा सकता है।
  • AC से सीधे बैटरी चार्ज नहीं कर सकते।
  • जरा सी लापरवाही से भीषण दुर्घटना हो सकती है।

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